बड़ा बदलाव! अब सेकेंड हैंड गाड़ी खरीदने-बेचने के लिए NOC की जरूरत नहीं
🚗 बड़ा बदलाव! अब सेकेंड हैंड गाड़ी खरीदने-बेचने के लिए NOC की जरूरत नहीं अगर आप पुरानी गाड़ी खरीदने या बेचने का सोच रहे हैं, तो आपके लिए खुशखबरी है। सरकार ने गाड़ी के दूसरे सफर (सेकेंड हैंड वाहन) के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब NOC (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। आइए जानते हैं ये नए नियम आपके लिए क्या मायने रखते हैं। ✅ नया नियम: ऑनलाइन वेरिफिकेशन, परेशानी खत्म पहले सेकेंड हैंड गाड़ी खरीदते या बेचते समय RTO से NOC लेना जरूरी होता था, जिसमें काफी समय और मेहनत लगती थी। अब वाहन पोर्टल (Vahan) पर सीधे ऑनलाइन वेरिफिकेशन होगा। यानी कागजी कार्रवाई और चक्कर लगाने की झंझट नहीं। 🔧 फिटनेस तय करेगी, उम्र नहीं अब गाड़ी की उम्र नहीं, बल्कि फिटनेस तय करेगी कि वह सड़क पर रह सकती है या नहीं। यानी अगर आपकी पुरानी कार तकनीकी रूप से सही हालत में है, तो वह 15 लाख किलोमीटर (1.5 मिलियन) के बाद भी चल सकती है। पहले कई राज्यों में 15 साल के बाद पुरानी गाड़ियों पर रोक लग जाती थी, लेकिन अब फिटनेस ही मानक होगी। 💻 कैसे काम करेगा ऑटो-जेनरेटेड सिस्टम? नई प्रणाली पूरी तरह ऑटोमेटेड है: ...